बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1. भारत और भूटान के बीच स्थायी शांति और मित्रता संधि कब हुई थी?
- a) 1947
- b) 1949
- c) 1950
- d) 1952
उत्तर: b) 1949
व्याख्या: यह संधि मित्रता स्थापित करने के लिए हुई; भूटान बाहरी मामलों में भारत की सलाह लेता था।
प्रश्न 2. 1949 की संधि में 2007 के संशोधन से भूटान को क्या अधिकार मिला?
- a) अधिक क्षेत्र
- b) विदेश नीति में स्वायत्तता
- c) परमाणु सहयोग
- d) ASEAN के साथ मुक्त व्यापार
उत्तर: b) विदेश नीति में स्वायत्तता
व्याख्या: भूटान को विदेश नीति में स्वतंत्रता मिली, जबकि भारत के साथ सहयोग जारी रहा।
प्रश्न 3. 2017 का डोकलाम गतिरोध किससे संबंधित था?
- a) नेपाल–भूटान सीमा
- b) भारत–पाकिस्तान LoC
- c) भारत–चीन–भूटान त्रि-जंक्शन
- d) अरुणाचल प्रदेश सीमा
उत्तर: c) भारत–चीन–भूटान त्रि-जंक्शन
व्याख्या: चीन ने डोकलाम में सड़क निर्माण का प्रयास किया।
प्रश्न 4. डोकलाम गतिरोध के दौरान किस कॉरिडोर की सुरक्षा खतरे में थी?
- a) खैबर दर्रा
- b) मलक्का जलडमरूमध्य
- c) सिलीगुड़ी कॉरिडोर
- d) नाथू ला दर्रा
उत्तर: c) सिलीगुड़ी कॉरिडोर
व्याख्या: सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) भारत के पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ता है।
प्रश्न 5. भारत की सहायता से भूटान में कौन-सा जलविद्युत परियोजना विकसित की गई है?
- a) मंगदेछु
- b) तीस्ता
- c) रिहंद
- d) हिराकुंड
उत्तर: a) मंगदेछु
व्याख्या: मंगदेछु, चुखा और ताला जैसी परियोजनाएँ भारत की सहायता से बनी हैं।
प्रश्न 6. भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल (IMTRAT) कहाँ तैनात है?
- a) नेपाल
- b) भूटान
- c) श्रीलंका
- d) मालदीव
उत्तर: b) भूटान
व्याख्या: IMTRAT भूटानी सेना को प्रशिक्षण देता है।
प्रश्न 7. भारत–भूटान का संयुक्त सैन्य अभ्यास क्या कहलाता है?
- a) मित्र शक्ति
- b) सूर्य किरण
- c) युद्ध अभ्यास
- d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: d) इनमें से कोई नहीं
व्याख्या: सूर्य किरण भारत–नेपाल का अभ्यास है; भूटान के साथ IMTRAT सहयोग है।
प्रश्न 8. भूटान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से किस पर निर्भर करती है?
- a) तेल निर्यात
- b) जलविद्युत निर्यात
- c) यूरोप से पर्यटन
- d) वस्त्र उद्योग
उत्तर: b) जलविद्युत निर्यात
व्याख्या: भूटान अतिरिक्त बिजली भारत को बेचता है।
प्रश्न 9. भारत से भूटान तक पेट्रोलियम पाइपलाइन कहाँ से कहाँ तक है?
- a) असम से थिम्फू
- b) सिलीगुड़ी से पारो
- c) मोतिहारी से अमलेखगंज
- d) पटना से फुंटशोलिंग
उत्तर: c) मोतिहारी से अमलेखगंज
व्याख्या: यह दक्षिण एशिया की पहली अंतर-देशीय पाइपलाइन है।
प्रश्न 10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारत–भूटान संबंधों के बारे में सही नहीं है?
- a) दोनों देशों के बीच बौद्ध सांस्कृतिक संबंध हैं।
- b) गंभीर द्विपक्षीय सीमा विवाद हैं।
- c) भारत भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
- d) भारत भूटान की जलविद्युत परियोजनाओं में मदद करता है।
उत्तर: b) गंभीर द्विपक्षीय सीमा विवाद हैं।
व्याख्या: भारत और भूटान के बीच कोई प्रत्यक्ष विवाद नहीं है; चीन से संबंधित मुद्दे चिंता का विषय हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न: भारत–भूटान संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि लिखिए।
उत्तर:
भारत–भूटान संबंध गहरे सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक संबंधों पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म की समानता है, जहाँ भूटान महायान परंपरा का पालन करता है जिसकी जड़ें भारतीय मठों और नालंदा परंपरा से जुड़ी हैं। सदियों से तीर्थयात्रा, पर्व-त्योहारों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने विश्वास और सद्भाव का आधार बनाया।
आधुनिक काल में, 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, भूटान ने अपनी संप्रभुता को सुरक्षित रखने और दक्षिणी पड़ोसी के साथ मजबूत संबंध बनाने की कोशिश की। इसके परिणामस्वरूप 1949 में स्थायी शांति और मित्रता संधि हुई। इसमें तय हुआ कि भूटान बाहरी मामलों में भारत की सलाह लेगा और भारत भूटान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। 2007 में इस संधि में संशोधन किया गया जिससे भूटान को विदेश नीति में अधिक स्वायत्तता मिली, लेकिन सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक सहयोग यथावत रहा।
इस प्रकार भारत–भूटान संबंध आध्यात्मिक धरोहर से लेकर औपचारिक संधियों तक विश्वास, सम्मान और सुरक्षा हितों पर आधारित एक विशेष साझेदारी बने।
प्रश्न: भारत और भूटान के बीच जलविद्युत सहयोग का महत्व बताइए।
उत्तर:
जलविद्युत भारत–भूटान संबंधों की आधारशिला है और भूटान की आर्थिक प्रगति का मुख्य साधन है। हिमालयी भूगोल के कारण भूटान में नदियों की प्रचुरता है, जहाँ 30,000 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन की क्षमता है, यद्यपि केवल कुछ हिस्से का दोहन हुआ है।
1980 के दशक से भारत ने भूटान में प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं जैसे चुखा, ताला, कुरिचू और मंगदेछु का निर्माण किया। भारत ने इन परियोजनाओं को ऋण और अनुदान से वित्तपोषित किया और बदले में भूटान अतिरिक्त बिजली भारत को बेचता है।
यह सहयोग दोनों के लिए लाभकारी है। भूटान के लिए यह राजस्व और GDP का प्रमुख स्रोत है, जबकि भारत के लिए यह स्वच्छ ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है।
इसके अलावा, जलविद्युत सहयोग रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत–भूटान संबंधों को स्थिर और आपसी निर्भरता पर आधारित बनाता है, जिससे चीन जैसे अन्य प्रभावों से बचाव होता है।
प्रश्न: 2017 के डोकलाम गतिरोध की व्याख्या कीजिए और भारत के लिए इसका महत्व बताइए।
उत्तर:
2017 का डोकलाम गतिरोध भारत–चीन संबंधों में एक बड़ी सुरक्षा चुनौती था, जिसमें भूटान प्रत्यक्ष रूप से शामिल था। डोकलाम भारत–चीन–भूटान त्रि-जंक्शन पर स्थित है। जून 2017 में चीनी सेना ने भूटान के क्षेत्र में सड़क निर्माण का प्रयास किया, जिसका भूटान ने विरोध किया।
भारत ने भूटान की संधि और सुरक्षा भागीदारी के आधार पर हस्तक्षेप किया और चीनी सैनिकों को रोकने के लिए अपनी सेना तैनात की। यह गतिरोध 73 दिनों तक चला और अंततः कूटनीतिक वार्ता से समाप्त हुआ।
भारत के लिए डोकलाम अत्यंत रणनीतिक महत्व रखता है क्योंकि यह सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के पास है, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। यदि चीन यहाँ बढ़त बना लेता तो भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो सकता था।
यह घटना भूटान की भौगोलिक संवेदनशीलता और भारत पर उसकी सुरक्षा निर्भरता को भी दर्शाती है।
प्रश्न: भारत–भूटान संबंधों की प्रमुख चुनौतियाँ बताइए।
उत्तर:
हालाँकि भारत–भूटान संबंध प्रायः विवाद-मुक्त माने जाते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में कुछ चुनौतियाँ उभरकर सामने आई हैं।
पहली चुनौती चीन है। चीन भूटान की उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर दावा करता है और समझौते के लिए भूटान पर दबाव डालता है। यदि भूटान चीन से समझौता करता है तो भारत की सुरक्षा, विशेषकर सिलीगुड़ी कॉरिडोर, खतरे में पड़ सकती है।
दूसरी चुनौती आर्थिक निर्भरता है। भूटान व्यापार, पारगमन, सहायता और जलविद्युत राजस्व के लिए भारत पर निर्भर है, जिससे कभी-कभी भूटानी समाज में विविधीकरण की माँग उठती है।
तीसरी चुनौती युवा पलायन और रोजगार की है। कई भूटानी युवा शिक्षा और रोजगार के लिए विदेश जाते हैं, जिससे भारत पर निर्भरता घटती है और अन्य प्रभाव बढ़ते हैं।
चौथी चुनौती जलविद्युत परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव और निर्माण में देरी है।
इन सबके बावजूद भारत को भूटान के साथ संवेदनशील और संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा।
प्रश्न: भारत–भूटान संबंधों को मजबूत करने के उपाय सुझाइए।
उत्तर:
भारत–भूटान की विशेष मित्रता को बनाए रखने और चुनौतियों से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता है।
पहला, भारत को भूटान की अर्थव्यवस्था को जलविद्युत से परे विविध बनाना चाहिए। सूचना प्रौद्योगिकी, जैविक कृषि और इको-टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकता है।
दूसरा, सुरक्षा सहयोग को मजबूत रखना आवश्यक है। भारत को भूटानी सेना को प्रशिक्षण और उपकरण प्रदान करना जारी रखना चाहिए और चीन के दावों से निपटने के लिए निकट समन्वय बनाए रखना चाहिए।
तीसरा, अवसंरचना और संपर्क परियोजनाओं को विस्तार देना चाहिए, जैसे सड़क, रेल और पाइपलाइन।
चौथा, शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाना चाहिए ताकि नई पीढ़ियाँ भी इस मित्रता को आगे बढ़ाएँ।
पाँचवाँ, भारत को भूटान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए घरेलू मामलों में हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
यदि भारत समय पर सहयोग और समर्थन करता रहेगा तो भूटान उसका सबसे विश्वसनीय साझेदार बना रहेगा और भारत को हिमालयी क्षेत्र में सुरक्षा गहराई मिलेगी।