पृष्ठभूमि
स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस प्रणाली का प्रभुत्व था। नेहरू की मृत्यु (1964) और शास्त्री का अल्पकाल (1964–66) स्थिरता को कमजोर कर गया।
1967 चुनाव
कांग्रेस 9 राज्यों में सत्ता से बाहर हुई। क्षेत्रीय दलों और गठबंधन राजनीति का उदय हुआ।
सिंडिकेट बनाम इंदिरा गांधी
कांग्रेस सिंडिकेट (कामराज, निजलिंगप्पा, मोरारजी देसाई) पार्टी पर नियंत्रण चाहता था, पर इंदिरा गांधी ने स्वतंत्र नीति अपनाई।
कांग्रेस विभाजन (1969)
राष्ट्रपति चुनाव विवाद से कांग्रेस (ओ) और कांग्रेस (आर) में विभाजन हुआ। इंदिरा का गुट (आर) जनता का समर्थन पाकर मजबूत हुआ।
इंदिरा गांधी की नीतियाँ (1969–71)
14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण, प्रिवी पर्स की समाप्ति, हरित क्रांति को बढ़ावा।
1971 चुनाव और पुनर्स्थापना
इंदिरा गांधी का नारा ‘गरीबी हटाओ‘ लोकप्रिय हुआ। ग्रैंड एलायंस असफल रहा और कांग्रेस (आर) ने भारी जीत दर्ज की।
1971 युद्ध और बांग्लादेश
भारत की विजय से बांग्लादेश बना। इंदिरा गांधी की लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बढ़ी।
महत्व
एक-दलीय प्रभुत्व का अंत, प्रतिस्पर्धात्मक राजनीति का उदय, करिश्माई नेतृत्व (इंदिरा गांधी), और क्षेत्रीय दलों व गठबंधन का महत्व बढ़ा।