अंतर्राष्ट्रीय संगठन
सारांश (हिंदी)
- अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता
– द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शांति, सुरक्षा और सहयोग के लिए वैश्विक संस्था आवश्यक मानी गई।
– लीग ऑफ नेशंस असफल रही; 1945 में संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना हुई।
– उद्देश्य: युद्ध रोकना, संवाद को बढ़ावा देना, गरीबी, जलवायु और मानवाधिकार जैसे वैश्विक मुद्दों का समाधान।2. संयुक्त राष्ट्र (UN)
– 24 अक्तूबर 1945 को 51 सदस्य देशों के साथ स्थापित (आज 193 सदस्य)।
– चार्टर सिद्धांत: संप्रभु समानता, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान, मानवाधिकार, सामूहिक सुरक्षा।मुख्य अंग:
– महासभा (GA): सभी सदस्य, एक देश एक वोट; चर्चा, सिफारिशें और बजट अनुमोदन।
– सुरक्षा परिषद (SC): अंतर्राष्ट्रीय शांति बनाए रखना; 15 सदस्य (5 स्थायी—अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन—वीटो शक्ति के साथ + 10 अस्थायी)।
– आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC): UN एजेंसियों का समन्वय।
– अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ): हेग में न्यायिक अंग।
– सचिवालय: महासचिव के नेतृत्व में प्रशासनिक अंग।
– न्यास परिषद: अब निष्क्रिय (उपनिवेशवाद समाप्त)।विशेषीकृत एजेंसियाँ: WHO, UNESCO, UNICEF, ILO, UNDP, IMF, World Bank, WTO, IAEA।
3. संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता
– आलोचना: सुरक्षा परिषद 1945 की स्थिति दर्शाती है, आज की नहीं; यूरोप अधिक प्रतिनिधित्व, एशिया/अफ्रीका कम प्रतिनिधित्व; वीटो अलोकतांत्रिक।
– सुधार: सुरक्षा परिषद का विस्तार, विकासशील देशों को प्रतिनिधित्व, अधिक पारदर्शिता।भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी:
– सबसे बड़ा लोकतंत्र, दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या, बड़ी अर्थव्यवस्था।
– शांति सेनाओं में बड़ा योगदान।
– परमाणु शक्ति और क्षेत्रीय नेतृत्व।
– कई देशों का समर्थन, लेकिन सहमति का अभाव।4. एकध्रुवीय विश्व में संयुक्त राष्ट्र
– शीत युद्ध के बाद अमेरिका अकेला महाशक्ति।
– अमेरिका बार‑बार वीटो का उपयोग करता है; कभी‑कभी UN को दरकिनार भी करता है (कोसोवो, 2003 इराक युद्ध)।
– आलोचना: UN पर अमेरिका का अधिक प्रभाव; समर्थन: छोटे देशों को आवाज और वैधता देता है।5. अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन
– WTO: मुक्त व्यापार को बढ़ावा, विवाद समाधान।
– IMF और विश्व बैंक: ऋण, स्थिरता, विकास।
– IAEA: परमाणु ऊर्जा की निगरानी, प्रसार रोकना।
– एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच: मानवाधिकार निगरानी।
– ग्रीनपीस, ऑक्सफैम: पर्यावरण, गरीबी और विकास।6. प्रमुख बहसें
– क्या UN संघर्ष रोकने में प्रभावी है?
– क्या वीटो को समाप्त/सीमित किया जाना चाहिए?
– UN को अधिक लोकतांत्रिक और प्रतिनिधिक कैसे बनाया जाए?
– क्या वैश्विक संस्थाएँ आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और महामारी जैसी चुनौतियों का समाधान कर सकती हैं?7. मुख्य बिंदु
– UN सबसे व्यापक और वैध वैश्विक संस्था है।
– सुधार आवश्यक हैं, पर कठिन।
– WTO, IMF, NGOs जैसे अन्य संगठन भी वैश्विक शासन में भूमिका निभाते हैं।
– बहुपक्षवाद और सहयोग वैश्विक शांति व विकास के लिए आवश्यक हैं।