Course Content
India’s Relations with Pakistan
Covers the historical background, major disputes, wars, cooperation agreements, and current challenges in India–Pakistan relations. Includes bilingual notes and board-style Q&A for conceptual clarity and exam preparation.
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India’s Relations with China
Detailed coverage of India–China relations, including Panchsheel Agreement, 1962 War, Doklam, Galwan clash, cooperation in BRICS/SCO, challenges, and future outlook. Bilingual format with summaries and practice questions.
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India’s Relations with Nepal
Explains historical, cultural, and economic ties, the 1950 Treaty of Peace and Friendship, border disputes (Kalapani, Susta), constitutional issues, and current challenges. Includes bilingual notes and practice Q&A.
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International Relations

भारत–श्रीलंका संबंध: वस्तुनिष्ठ एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Hindi)

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1. भारत–श्रीलंका समझौता (Indo–Sri Lanka Accord) किस वर्ष हुआ था?

विकल्प: a) 1974   b) 1987   c) 1998   d) 2009

उत्तर: b) 1987

व्याख्या: यह समझौता राजीव गांधी और जे.आर. जयवर्धने के बीच तमिल मुद्दे को सुलझाने हेतु हुआ था।

प्रश्न 2. 1987 के समझौते के बाद भारत ने कौन-सी सेना श्रीलंका भेजी थी?

विकल्प: a) BSF   b) IPKF   c) CRPF   d) Coast Guard

उत्तर: b) IPKF

व्याख्या: भारतीय शांति सेना (IPKF) को भेजा गया था, जिसे स्थानीय विरोध का सामना करना पड़ा।

प्रश्न 3. श्रीलंका का गृहयुद्ध किस अवधि में हुआ?

विकल्प: a) 1950–1970   b) 1965–1980   c) 1983–2009   d) 1990–2000

उत्तर: c) 1983–2009

व्याख्या: यह युद्ध तमिल टाइगर्स (LTTE) और श्रीलंकाई सरकार के बीच हुआ।

प्रश्न 4. कच्चथीवू द्वीप भारत ने किस वर्ष श्रीलंका को सौंपा था?

विकल्प: a) 1954   b) 1974   c) 1987   d) 1996

उत्तर: b) 1974

व्याख्या: यह द्विपक्षीय समझौते से हुआ, लेकिन भारतीय मछुआरे अब भी पारंपरिक अधिकार का दावा करते हैं।

प्रश्न 5. भारत–श्रीलंका मुक्त व्यापार समझौता (FTA) कब हुआ था?

विकल्प: a) 1974   b) 1987   c) 1998   d) 2005

उत्तर: c) 1998

व्याख्या: इससे दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिला।

प्रश्न 6. श्रीलंका का कौन-सा बंदरगाह 99 वर्षों के लिए चीन को पट्टे पर दिया गया है?

विकल्प: a) त्रिंकोमाली   b) हम्बनटोटा   c) कोलंबो   d) गाले

उत्तर: b) हम्बनटोटा

व्याख्या: यह चीन की बेल्ट एंड रोड पहल के अंतर्गत है, जिससे भारत की सुरक्षा चिंताएँ बढ़ीं।

प्रश्न 7. भारत ने श्रीलंका को लगभग 4 अरब डॉलर की सहायता किस संकट के दौरान दी थी?

विकल्प: a) गृहयुद्ध   b) 2004 की सुनामी   c) 2022 आर्थिक संकट   d) कोविड-19

उत्तर: c) 2022 आर्थिक संकट

व्याख्या: भारत ने ईंधन, दवाइयाँ और आवश्यक वस्तुएँ प्रदान कीं।

प्रश्न 8. भारत और श्रीलंका के बीच प्रमुख सांस्कृतिक कड़ी कौन-सा धर्म है?

विकल्प: a) हिन्दू धर्म   b) बौद्ध धर्म   c) ईसाई धर्म   d) इस्लाम

उत्तर: b) बौद्ध धर्म

व्याख्या: बौद्ध धर्म तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में भारत से श्रीलंका पहुँचा।

प्रश्न 9. भारत की कौन-सी नीति श्रीलंका के साथ हिंद महासागर में सहयोग पर बल देती है?

विकल्प: a) लुक ईस्ट नीति   b) SAGAR   c) पड़ोस पहले नीति   d) एक्ट ईस्ट नीति

उत्तर: b) SAGAR

व्याख्या: ‘Security and Growth for All in the Region’ भारत की समुद्री रणनीति है।

प्रश्न 10. कौन-सा मुद्दा भारतीय मछुआरों और श्रीलंका के बीच बार-बार तनाव पैदा करता है?

विकल्प: a) कारगिल संघर्ष   b) पाक जलडमरूमध्य मछली पकड़ना   c) समुद्री डकैती   d) तेल खोज

उत्तर: b) पाक जलडमरूमध्य मछली पकड़ना

व्याख्या: भारतीय मछुआरे अक्सर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में चले जाते हैं, जिससे उनकी गिरफ्तारी होती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न: भारत–श्रीलंका संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताइए।

उत्तर:

भारत और श्रीलंका के संबंध सदियों पुराने हैं, जो संस्कृति, धर्म और व्यापार में निहित हैं। बौद्ध धर्म सबसे प्रमुख सांस्कृतिक कड़ी है, जिसे तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में सम्राट अशोक के पुत्र महिंद और पुत्री संघमित्त ने श्रीलंका पहुँचाया। समय के साथ भारतीय व्यापारी, विद्वान और भिक्षु श्रीलंका में गए और दोनों देशों की कला, वास्तुकला और भाषा में योगदान दिया।

औपनिवेशिक काल में ब्रिटिश शासकों ने भारतीय तमिलों को चाय बागानों में काम करने के लिए श्रीलंका भेजा। यह समुदाय बाद में राजनीतिक मुद्दा बन गया। 1948 में श्रीलंका की स्वतंत्रता के बाद भारत ने तुरंत राजनयिक संबंध स्थापित किए। सांस्कृतिक और व्यापारिक सहयोग से प्रारंभिक संबंध मैत्रीपूर्ण बने रहे।

हालाँकि, श्रीलंका में सिंहली और तमिल समुदायों के बीच तनाव बढ़ने से संबंधों में चुनौती आई। भारत ने 1987 के भारत–श्रीलंका समझौते और IPKF भेजकर शांति स्थापित करने का प्रयास किया। कठिनाइयों के बावजूद साझा धरोहर संबंधों को स्थिर बनाए रखती है, जिससे यह रिश्ता दक्षिण एशिया में अनूठा बनता है।

प्रश्न: श्रीलंका के गृहयुद्ध और उसमें भारत की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

श्रीलंका का जातीय संघर्ष मुख्यतः सिंहली बहुसंख्यक और तमिल अल्पसंख्यक के बीच था। तमिल टाइगर्स (LTTE) ने स्वतंत्र ‘तमिल ईलम’ की माँग की, जिसके कारण 1983 से 2009 तक गृहयुद्ध चला।

भारत की भूमिका जटिल रही। प्रारंभ में तमिलनाडु ने जातीय एकजुटता के चलते तमिल उग्रवादियों को समर्थन दिया। लेकिन हिंसा और अस्थिरता ने क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित किया, जिससे भारत को हस्तक्षेप करना पड़ा। 1987 में राजीव गांधी और जयवर्धने ने भारत–श्रीलंका समझौता किया, जिसमें तमिलों को स्वायत्तता देने का वादा था। इसके बाद भारत ने भारतीय शांति सेना (IPKF) भेजी, जिसका उद्देश्य LTTE को निरस्त्र करना था। हालाँकि, इसे दोनों पक्षों से विरोध मिला और नुकसान उठाना पड़ा।

1990 में भारत ने IPKF वापस बुला लिया। इसके बाद भारत ने प्रत्यक्ष हस्तक्षेप बंद कर दिया, लेकिन शांति प्रयासों को समर्थन देता रहा। 2009 में LTTE की हार के साथ संघर्ष समाप्त हुआ। यह घटना भारत के लिए मानवीय चिंता, जातीय संवेदनशीलता और सामरिक हितों के बीच संतुलन का सबक बनी।

प्रश्न: भारत और श्रीलंका के बीच प्रमुख विवादों पर चर्चा कीजिए।

उत्तर:

मजबूत सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों के बावजूद भारत–श्रीलंका संबंधों में विवाद रहे हैं। सबसे प्रमुख विवाद मछुआरों का है। पाक जलडमरूमध्य में भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किया जाता है। यह विवाद कच्चथीवू द्वीप से जुड़ा है, जिसे भारत ने 1974 में श्रीलंका को सौंपा था। हालाँकि कानूनी रूप से यह श्रीलंका का है, भारतीय मछुआरे पारंपरिक अधिकार का दावा करते हैं।

दूसरा विवाद श्रीलंका का गृहयुद्ध रहा। 1987 का समझौता और IPKF की तैनाती ने राजनीतिक विवाद पैदा किया। तमिल मुद्दा आज भी संवेदनशील है और तमिलनाडु इसमें गहरी रुचि रखता है।

तीसरा, श्रीलंका में चीन की उपस्थिति, विशेषकर हम्बनटोटा बंदरगाह और कोलंबो पोर्ट सिटी परियोजनाएँ, भारत के लिए सामरिक चुनौती हैं।

कुल मिलाकर विवाद मछुआरों के अधिकार, जातीय मुद्दों और बाहरी प्रभाव पर केंद्रित हैं, जिनका समाधान संवेदनशील कूटनीति से संभव है।

प्रश्न: भारत द्वारा 2022 आर्थिक संकट के दौरान श्रीलंका को दी गई सहायता का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर:

2022 में श्रीलंका को भीषण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। विदेशी मुद्रा भंडार घटने, ऋण डिफॉल्ट और भोजन, ईंधन व दवाइयों की कमी ने हालात बिगाड़ दिए। भारत पहले देश के रूप में मदद के लिए आगे आया और लगभग 4 अरब डॉलर की सहायता दी। इसमें ईंधन और आवश्यक वस्तुओं के लिए ऋण, मुद्रा स्वैप और मानवीय सहायता शामिल थी।

भारत ने श्रीलंका को ईंधन की आपूर्ति की, जिससे परिवहन और बिजली व्यवस्था चलती रही। दवाइयाँ और खाद्यान्न भेजे गए, जिससे आम जनता को राहत मिली। यह मदद राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के समय अत्यंत महत्वपूर्ण थी।

भारत की यह सहायता ‘पड़ोस पहले’ नीति और SAGAR (Security and Growth for All in the Region) की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे भारत ने न केवल श्रीलंका में सद्भावना अर्जित की बल्कि चीन के प्रभाव का भी संतुलन किया।

यह घटना भारत की मानवीय भूमिका और क्षेत्रीय नेतृत्व को मजबूत करती है और दीर्घकालीन सामरिक संबंधों को गहरा बनाती है।

प्रश्न: भारत–श्रीलंका संबंधों को मजबूत करने के उपाय सुझाइए।

उत्तर:

भारत और श्रीलंका को अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर आगे बढ़ते हुए वर्तमान चुनौतियों का समाधान करना होगा।

पहला, मछुआरों का विवाद सहयोगी समाधान से हल होना चाहिए, जैसे संयुक्त मत्स्य पालन व्यवस्था या वैकल्पिक आजीविका।

दूसरा, आर्थिक एकीकरण गहरा होना चाहिए। भारत श्रीलंकाई वस्तुओं को अधिक बाज़ार पहुँच दे सकता है और आईटी, ऊर्जा व पर्यटन में संयुक्त उपक्रमों को बढ़ावा दे सकता है।

तीसरा, सांस्कृतिक कूटनीति को बौद्ध पर्यटन और रामायण सर्किट के माध्यम से मजबूत किया जा सकता है। शैक्षिक आदान-प्रदान और छात्रवृत्ति भी दीर्घकालीन सद्भावना बनाएँगे।

चौथा, भारत को समय पर विकास सहायता और पारदर्शी परियोजनाएँ प्रदान करनी चाहिए ताकि चीन की परियोजनाओं का संतुलन हो सके।

पाँचवाँ, क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना चाहिए। संयुक्त नौसैनिक अभ्यास, आतंकवाद विरोधी उपाय और समुद्री सुरक्षा संबंधों को मजबूत करेंगे।

इन उपायों से भारत–श्रीलंका संबंध साझा विकास, विश्वास और सामरिक स्थिरता का आदर्श बन सकते हैं।